एच्लीस टेंडन इंजरी- अकिलीज़ कंडरा के लक्षण, कारण और रिकवरी।

एड़ी की हड्डी को पिंडली की मांसपेशी को जोड़ने वाले अकिलीज़ कंडरा (टेंडन) या स्नायुजाल शरीर का सबसे बड़ा और सबसे मजबूत कण्डरा है।

अकिलीज़ टेंडन का टूटना या चोटिल होना धावकों, और अधेड़ उम्र के खिलाड़ियों  में अधिक होता है। हालांकि यह किसी को भी हो सकता है, चाहे वे एथलीट हों या नहीं।

मुख्य रूप से यह इंजरी अति उपयोग करने, या दौड़ने-कूदने जैसी गतिविधियों के कारण होती है। इसे Achilles Tendinopathy (AT) भी कहा जाता है और ये काफी दर्दनाक होता है। इसमें पैर को ऊपर नीचे करना भी मुश्किल हो जाता है। कुछ रोगियों को आराम करते समय भी दर्द महसूस होता है।

 

लक्षण

  • पीड़ा- जब आप अपना पैर ऊपर या नीचे करते हैं तो टखने के पिछले हिस्से में, यानी निचली पिंडली में दर्द होता है।
  • कठोरता, सूजन-  सनायुजाल में अकड़न और सूजन आ जाती है जो प्रातः काल में सबसे अधिक होती है।
  • त्वचा का लाल होना- पिंडलियों लाल या गुलाबी हो जाती है और हाथ लगाने पर गरम महसूस होती हैं। 
  • कमजोरी- पैर और टखनों में ताकत कम हो जाती है और कमजोरी महसूस होती है।
  • गतिशीलता का घटना – टखने अकड़ जाते हैं और उनमें खिलाने के लिए लचीलापन नहीं रहता। 
  • गुमड़ा- कभी-कभी आपकी एड़ी पर एक घुमड़ा सा बन जाता है जिसे हैगलैंड की विकृति कहा जाता है।

उपरोक्त लक्षण समय के साथ और अधिक बदतर हो जाते हैं और चलने, दौड़ने या खड़े होने में भी कठिनाई उत्पन्न करते हैं।

 

एच्लीस टेंडन रप्चर के कारण 

एच्लीस टेंडन इंजरी को ज्यादातर खेल संबंधित विकारों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि  पैरों या टांगों में टेंडोनाइटिस विकसित होने की संभावना खेलों में अधिक होती है। हालांकि AT से जुड़े कई जोखिम कारक और कारण हैं, जैसे:

  1. प्रशिक्षण में परिवर्तन करना- खेल के मूवमेंट में गहनता या तकनीक में कोई नया परिवर्तन
  2. खेल के धरातल में बदलाव करना जैसे कि घास से मिट्टी या सीमेंट के ग्राउंड से टर्फ में जाना 
  3. स्पोर्ट्स शूज का प्रकार बदल लेना
  4. मांसपेशियों की कमजोरी या जकड़न भी ऊतक के पुनर्जनन का कारण हो सकती है।
  5. चलते या जॉगिंग करते समय पैर को अंदर की ओर घुमाना।
  6. गहन प्रशिक्षण- हाई लेवल के प्रशिक्षण जैसे ढलान या पहाड़ी इलाके में दौड़ने से चोट लग सकती है।
  7. पैरों का असामान्य या धनुषाकार आकार और गठिया

कुछ विशेष लोगों में अन्य कारक भी हो सकते हैं  जैसे उम्र, एंटीबायोटिक्स ऊंची एड़ी वाले जूतों का प्रयोग आदि।  

 

रोग निवृत्ति

एच्लीस टेंडोनाइटिस के सभी उपचारों का उद्देश्य  सूजन और दर्द को नियंत्रित करना और रोगी को सामान्य गतिविधियों के लिए तैयार करना होता है। 

प्रारंभिक उपचारों में शामिल हैं:

 

आराम 

आघात की गंभीरता के आधार पर‌ डॉक्टर पूर्ण या आंशिक आराम की सलाह देते हैं। खिलाड़ियों को अपने प्रशिक्षण की गहनता को संशोधित करने की सलाह दी जाती है।

खेल की सतह को बदलना

एथलीटों को नरम खेल सतहों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के लिए, धावकों को सिंथेटिक नरम सतहों का उपयोग करना चाहिए बजाय कंक्रीट रास्तों के।

जूतों में परिवर्तन

सपोर्ट और दर्द में आराम के लिए स्पेशल जूतों का इस्तेमाल करना चाहिए।

बर्फ का सेक

 बर्फ के शेर या आइस पैक सिर दर्द और सूजन दोनों में राहत मिलती है।

नॉनस्टेरॉयडल दर्द निवारक 

NSAIDs जैसे कि इबुप्रोफेन या पेरासिटामोल भी सूजन और दर्द को कम करने के लिए दिए जाते हैं। 

ब्रेसिज़ या कास्ट

टखने को हिलने से रोकने के लिए, आराम करने के लिए और उपचार शुरू करने से पहले एक अंतरिम ब्रेस या कास्ट का उपयोग भी सही रहता है। 

फिजियोथेरेपी 

दर्द से राहत और स्वास्थ्य लाभ के लिए भौतिक चिकित्सा एक महत्वपूर्ण उपचार प्रक्रिया है।

 

आर्थोपेडिक सर्जन और खेल चोट विशेषज्ञ डॉ तनवीर भूटानी बताते हैं,” जब उपरोक्त प्रारंभिक उपचार वांछित परिणाम दिखाने में विफल रहते हैं, तो हम मरीज को वैकल्पिक उपचारों का सुझाव देते हैं। इसमे स्टेरॉयड और पीआरपी इंजेक्शन तथा आपरेशन शामिल हैं”।  

स्टेरॉयड इंजेक्शन

ये आम तौर पर अनेक प्रकार की हड्डियों की बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन एच्लीस टेंडोनाइटिस के लिए इसका उपयोग काफी कम है। 

प्लेटलेट रिच प्लाज्मा इंजेक्शन

अनेकों अध्ययनों द्वारा डॉक्टरों ने पीआरपी इंजेक्शन की गुणवत्ता को स्थापित किया है।  ये अकिलीज़ टेंडन के उत्तकों का विकास करने में अत्यधिक सक्षम है। 

 

शल्य चिकित्सा

कभी-कभी अकिलीज़ टेंडिनाइटिस के कठिन केस भी ऑपरेशन के बजाय पैर और टखने के प्लास्टिक के साथ ठीक हो जाते हैं। फिर भी, इन तरीकों से इसके दोबारा होने की संभावना बढ़ जाती है और उपचार लंबा हो सकता है।

इसलिए क्रोनिक एच्लीस टेंडन के पुराने और जिद्दी मामलों के लिए, डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। खास तौर पर उनके लिए जो तेजी से ठीक होना चाहते हैं या सामान्य दिनचर्या और पेशेवर खेल में सक्रिय रूप से जल्द लौटना चाहते हैं। 

पूरा इलाज क्षति के प्रकार, रोगी की आयु, जीवन शैली और व्यक्तिगत विकल्पों पर आधारित होता है। अकिलीज़ की चोट से जुड़ी सर्जरी के लिए आमतौर पर दो प्रकार के दृष्टिकोण होते हैं।

 

क्षतशोधन। इसमें क्षतिग्रस्त कण्डरा ऊतक को हटा दिया जाता है ताकि स्वस्थ ऊतकों की वृद्धि की संभावना बने। क्षतशोधन सर्जरी में मरम्मत या स्थानांतरण किया जाता है। 

गैस्ट्रोक्नेमियस रिसेशन। 

इस सर्जरी में टाइट पिंडलियों की मांसपेशियों को बदला या गीला किया जाता है ताकि यह एच्लीस टेंडन पर दबाव डालना बंद कर दे।

आपकी स्थिति में सर्जन को जो जिस तरीके से बेस्ट प्ररिणाम मिलें, वह वही तरीका अपनाते हैं। आप ऑपरेशन से पहले कंसल्टेशन के दौरान अपने डॉक्टर से इस पर चर्चा कर सकते हैं।

 

निष्कर्ष

यदि हम अपने अकिलिस टेंडन को ज्यादा स्ट्रेच करते हैं तो यह फटकर टूट सकता है। इसकी मरम्मत के लिए सर्जरी भी की जाती है, हालांकि कुछ लोगों की समस्या केवल दूसरे उपचारों से ही ठीक हो जाती है।

 

एच्लीस टेंडन की चोटों के इलाज का कोई एक तरीका नहीं है। विभिन्न प्रकार की Achiles Tendon चोटों को कई प्रकार के उपचारों के संयुक्त प्रयोग से ठीक किया जाता है।

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आपका डॉक्टर ही यह अच्छा तय कर सकता है। प्रारंभिक उपचार महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से खिलाड़ियों या एथलीटों के मामले में, गंभीर इंजरी के मामलों में सर्जिकल उपचार अधिक विश्वसनीय होता है। याद रखें, रोकथाम इलाज से बेहतर है। तो कृपया चोट के कारकों को कवर करें।